Wednesday 28 December 2016

hindi shayari - चाय के कप



अर्ज़ किया है ,
चाय के कप से उठते धुंए में तेरी शकल नज़ार आती है ,
ऐसे खो जाते है तेरे ख्यालों में की अक्सर मेरी चाय ठंडी हो जाती है .

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