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Friday, 22 January 2016

Jhagda pati patni ka पति-पत्नी

हम पति-पत्नी के बीच हर समय झगड़ा क्यों होता रहता है, मुझे तो समझ नहीं आता।
यदि आप समझ जाएं तो मुझे भी समझाइयेगा।
😀😀😀😀😃😃😃😃😃
किस्सा नं. (1)
मैं TV पर फिल्म देख रहा था। 
बाजार से लौटी मेरी पत्नी ने पूछा- "क्या देख रहे हो...???"
"TV पर पड़ी हुई धूल" मैंने उत्तर दिया।
बस तुरंत झगड़ा शुरू हो गया
😀😀😀😀😀😀😀😝😝😝
किस्सा नंबर (2)
मेरी पत्नी ने कहा-
"आज महंगी चीजें बिकने वाली किसी जगह पर ले चलो।"
मैं उसे पेट्रोल-पम्प पर ले गया
और झगड़ा शुरू हो गया।
😃😃😃😃😃😃😃😃😃😃
किस्सा नंबर (3)
सर्राफा-बाजार से गुजरते हुए मेरी पत्नी ने कहा- "मेरा गले के लिए कुछ दिला दो।"
मैंने तुरंत एक केमिस्ट से स्ट्रेपसिल्स का पत्ता लेकर दे दिया
और हमारा झगड़ा शुरू हो गया।
😀😀😀😀😝😝😝😝😝😝
किस्सा नंबर (4)
एक दिन कार से कहीं घूमने के लिए जाते हुए मेरी पत्नी बोली-
"आज कहीं ऐसी जगह ले चलो जहां मैं बहुत समय से ना गई होउं।"
मैं उसे अपनी मां के घर ले गया
और उसका मेरा झगड़ा शुरू हो गया।
😀😀😀😀😀😀😀😀😀😀
किस्सा नंबर(5)
एक दिन पत्नी बोली- "सामने वाले शर्मा जी ऑफिस से आते ही मिसेज शर्मा को गले लगते हैं, आप ऐसा क्यों नहीं करते...???"
"कर तो दूं.. मगर मिसेज शर्मा यदि बुरा मान गयी तो...!!
फिर झगड़ा"..!
अब आप ही बताओ क्या करूँ
😕😣😳😨😩😭😃😃😃
तो बस ये ही कह सकता हूँ की.....
: ये शादी नहीं आसान ,
बस इतना समझ लीजिए ;
हरी मिर्च की टॉफी है ,
और चूस कर खानी है |

Wednesday, 20 January 2016

Ajeeb riwaz

Ajeeb riwaz hai ye mitti se bane log ka aap se tum,tum se
jaan..,aur jaan se anjaan ho jate hai.

Tuesday, 19 January 2016

जब प्यार किसी से होता है



ब प्यार किसी से होता है
हर दर्द दवा बन जाता है
क्या चीज मुहब्बत होती है
एक शख्स खुदा बन जाता है
ये लब चाहे खामोश रहें
आँखों से पता चल जाता है
कोई लाख छुपा ले इश्क मगर
दुनिया को पता चल जाता है
जब इश्क का जादू चलता है
सेहरा में फूल खिल जाता है
जब कोई दिवाना मचलता है
तब ताजमहल बन जाता है
🌹🌹🌹🌹






प्यार की कश्ती में सोच समझ कर सवार होना जब ये चलती है तो किनारा नहीं मिलता और जब डूबती है तो सहारा नहीं मिलता

🌹🌹🌹🌹

"कर लेती हूँ बर्दाश्त हर दर्द इसी आस के साथ.. की खुदा नूर भी बरसाता है ... आज़माइशों के बाद"

🌹🌹🌹🌹


मै सूरज के साथ रहकर भी भूली नहीं अदब.....
लोग जुगनू का साथ पाकर मगरूर हो गये...

amazing image, funny image, awesome image


ham to teri khomoshi se pyar kar lete hain


Sunday, 17 January 2016

बाप का कहर



मां (बेटे से): इतनी देरसे आ रहा है!
कहां गया था?
,
,
बेटा: फिल्म देखने।
,
मां: कौन सी?
,
बेटा: मां की ममता।
,
मां: जा बेटा, ऊपर जा.नई फिल्म लगी है, वह भी देख ले!
,
बेटा: कौन सी?....
मां: बाप का कहर

Saturday, 16 January 2016

पापा में तुमसे बड़ा हो गया



मेरे कंधे पर बैठा मेरा बेटा जब मेरे कंधे पे खड़ा हो गया
मुझसे कहने लगा "देखो पापा में तुमसे बड़ा हो गया"

मैंने कहा "बेटा इस खूबसूरत ग़लतफहमी में भले ही जकडे रहना
मगर मेरा हाथ पकडे रखना"


"जिस दिन ये हाथ छूट जाएगा
बेटा तेरा रंगीन सपना भी टूट जाएगा"

"दुनिया वास्तव में उतनी हसीन नही है
देख तेरे पांव तले अभी जमीं नही है"

"में तो बाप हूँ बेटा बहुत खुश हो जाऊंगा
जिस दिन तू वास्तव में मुझसे बड़ा हो जाएगा
मगर बेटे कंधे पे नही ...
जब तू जमीन पे खड़ा हो जाएगा!!

ये बाप तुझे अपना सब कुछ दे जाएगा !
तेरे कंधे पर दुनिया से चला जाएगा !!

Friday, 15 January 2016

बीवी से झगडे करने के फायदे



बीवी से झगडे करने के फायदे
1.नींद में कोई व्यवधान नहीं आता:
"सुन रहे हो क्या, लाइट बंद करो, पंखा चालू करो, इधर मुह करो" टाइप बातें बन्द

2. पैसे की बचत होती है:
जब तक बीवी से झगड़ा हुआ रहता है इस दौरान बीवी पैसे नहीं मांगती...


3. तनाव से मुक्ति मिलती है :
झगड़े के दौरान बातचीत बंद रहती है, जिससे किचकिच कम होती है और पति तनाव से मुक्त रहता है।

4. आत्मनिर्भरता आती है:
झगड़े के बाद छोटे मोटे काम (जैसे खुद ही पानी लेना, अपने लिए खुद ही चाय बनाना) खुद कर के आदमी आत्मनिर्भर हो जाता है

5.काम में व्यवधान नहीं होता:
झगडे के दौरान ऑफिस में आपको बीवी के फ़ालतू कॉल नहीं आते, जिससे काम में ध्यान केंद्रित रहता है...

6. घर जल्दी जाने की चिंता से मुक्ति मिल जाती है:
एक बार झगड़ा हो जाने के बाद आप कुछ दिन तक जल्दी घर जाने की चिंता से दूर रहते है।

7. आप का मूल्य बढ़ता है:
झगड़े के दौरान आप बीवी को आसानी से उपलब्ध नहीँ होते जिसके चलते उसे आपके मूल्य का अहसास होता है।

8. प्यार बढ़ता है:
आपस में झगडे से प्यार बढ़ता है, क्योकि अक्सर देखा गया है एक बार बारिश हो जाए तो मौसम सुहाना हो जाता है।

Bank loan



बैंक से फोन आया और मुझसे कहा कि आप 6000/रू महीना भरते रहो, रिटायर मेंट के वक्त आपको 1 करोड़ मिलेंगे।
;

.
मैंने कहा – प्लान को उल्टा कर दो।
.
आप मुझे अभी 1 करोड़ रू दे दो। फिर हर महीने 12000/रू लेते रहना मेरे मरने तक।
बैक वालों ने फोन काट दिया।
.
मैंने कुछ गलत कहा क्या…

Thursday, 14 January 2016

aadhunik shiksha


दो पागल



दो पागल पागलखाने मे बनाए गए तालाब के किनारे टहल रहें थे

,

अचानक उसमे से एक पागल फिसलकर तालाब में गिर गया

,
तो दुसरे पागल ने उसे बचा लिया ,
,
डाक्टर ये सब देखकर खुश हुए और दुसरे दिन उस पागल को बुलाया
,
और कहा भाई तुम्हारे लिए दो खबर है अच्छी और बुरी पहले कौन सी सुनोगे
,
पागल: अच्छी
,
डा,: ये है की तुमने अपने साथी को बचाकर साबित कर दिया के तुम ठीक हो गए हो और अब तुम घर जा रहे हो।
,
पागल': और बुरी?
,
डा,: बुरी ये की जिसको तुमने बचाया था उसने फासी पे लटकर आत्महत्या कर ली।
,
पागल: अरे उसने नही ! मैने ही उसे लटका दिया था।।।
,
डा,: क्यों?????
,
पागल,: पानी मे गिरकर वो गीला हो गया था सुखाने के लिए !

शायरी, दर्द भरे शायरी

मेरी ज़रुरत और ख्वाहिश दोनों तुम हो ..!
और
अगर रब की कभी मेहरबानी हुई ...
तो कोई एक तो पूरी होगी

मकर संक्रांति

मीठे गुड़ मे मिल गयीं तिल, उडी़ पतंग और मिल गये दिल , हर पल सुख और हर दिन शांति , आपके लिए शुभ मकर संक्रान्ति
🌹🌹🌹🌹
मकर संक्रांति :
देवताओं का प्रभात काल भारत में हर पर्व पूरी श्रद्धा, आस्था, उल्लास और उमंग के साथ मनाया जाता है। पर्व और त्योहार हर राष्ट्र की संस्कृति और सभ्यता को उजागर करते हैं। यहां पर पर्व, त्योहार और उत्सव हर प्रदेश में अलग-अलग ढंग से मनाए जाते हैं। सूर्य का मकर राशि में प्रवेश करना 'मकर संक्रांति' कहलाता है। इसी दिन से सूर्य उत्तरायण हो जाते हैं। शास्त्रों में उत्तरायण की अवधि को देवताओं का दिन और दक्षिणायन को देवताओं की रात्रि कहा गया है। इस तरह मकर संक्रान्ति एक तरह से देवताओं का प्रभात काल है। इस दिन स्नान, दान, जप, तप, श्राद्ध और अनुष्ठान वगैरह का अधिक महत्व है। कहते हैं कि इस अवसर पर किया गया दान सौ गुना होकर प्राप्त होता है। मकर संक्रान्ति के दिन गंगाजल सहित शुद्ध जल से स्नानादि के के बाद भगवान चतुर्भुज का पुष्प-अक्षत और कई द्रव्यों के अध्र्य सहित पूजन करके मंत्र जप विष्णु सहस्त्र नाम स्त्रोत का पाठ करना चाहिए। इस दिन धृत, तिल, कंबल और खिचड़ी के दान का विशेष महत्व है। इसका दान करने वाला संपूर्ण भोगों को भोगकर मोक्ष को प्राप्त होता है।
गंगा, यमुना और सरस्वती के संगम पर तीर्थ राज प्रयाग में 'मकर संक्रांति' पर्व के दिन सभी देवी-देवता अपना स्वरूप बदल कर स्नान के लिए आते हैं। वैसे हर साल मकर संक्रांति का पर्व 14 जनवरी को ही मनाया जाता है लेकिन इस बार चूंकि सूर्यदेव 14 जनवरी की रात की मध्यरात्रि के बाद 1.26 बजे ही मकर राशि में प्रवेश करेंगे इसलिए संक्रांति का पर्व अगले दिन यानी 15 जनवरी को ही मनाया जाएगा। खगोल शास्त्रियों के अनुसार इस दिन सूर्य अपनी कक्षाओं में परिवर्तन कर दक्षिणायन से उत्तर होकर मकर राशि में प्रवेश करते हैं, जिस राशि में सूर्य की कक्षा का परिवर्तन होता है, उसे 'संक्रमण' या 'संक्रांति' कहा जाता है।
हमारे धर्म ग्रंथों में स्नान को पुण्यजनक के साथ-साथ स्वास्थ्य की दृष्टि से भी लाभदायक माना जाता है। मकर संक्रान्ति से सूर्य उत्तरायण हो जाते हैं, गरम मौसम आरंभ होने लगता है, इसलिए उस समय स्नान सुखदायी लगता है।
भारतीय ज्योतिष के अनुसार मकर-संक्रान्ति के दिन सूर्य के एक राशि में दूसरी राशि में हुए परिवर्तन को अंधकार से प्रकाश की ओर हुआ परिवर्तन माना जाता है। मकर संक्रान्ति से दिन बड़ा होने से प्रकाश अधिक होगा और रात्रि छोटी होने से अंधकार की अवधि कम होगी।

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